Friday, 21 May 2021

जालीम दुनिया

कम्बखत ये दुनिया बडी जालीम है, यहा कोई आज अच्छा तो कोई और बुरा ......जो अच्छा है वो कल बुरा होगा और जो बुरा है वो और बुरा होगा.... और दुनिया वाले कभी किसींको अच्छा नहीं कहेंगे .....

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आयुष्य आणि मन

आयुष्याची पायवाट गडद, अनंत धूसर, मनाची ओढ जगात भरली, थोडी जळती, थोडी हलकी. आशांचा कोंब, स्वप्नांची केसरी लाट, मनाच्या काठावर, गुंता जडला सहा...